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अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग का आकार घटा, तीन दिन में 56 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

श्रीनगर, 6 जुलाई। जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग का आकार लगातार घट रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, हिम शिवलिंग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पिघल चुका है और इसकी ऊंचाई अब करीब एक फीट रह गई है। हालांकि, इस प्राकृतिक बदलाव का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा पहुंच रहे हैं।

तीन दिनों में 56 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला है। अब तक 56,961 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। केवल रविवार को 24,648 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।

श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम दोनों पारंपरिक मार्गों से यात्रा कर रहे हैं। मौसम अनुकूल होने के कारण यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है और श्रद्धालु सुरक्षित अपने शिविरों तक लौट रहे हैं।

मौसम में बदलाव से घट रहा है हिम शिवलिंग का आकार

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक हिम शिवलिंग का आकार हर वर्ष मौसम और तापमान के अनुसार बदलता है। बढ़ते तापमान और मौसम में परिवर्तन के कारण हिम शिवलिंग का पिघलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसका धार्मिक परंपराओं या यात्रा संचालन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं माना जाता।

हर वर्ष अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग मौसम के अनुसार आकार ग्रहण करता है और फिर धीरे-धीरे पिघलता है। श्रद्धालु इसे प्राकृतिक चक्र का हिस्सा मानते हुए श्रद्धापूर्वक दर्शन करते हैं।

बिना पंजीकरण यात्रा पर आने से बचने की अपील

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। 9 जुलाई तक के सभी पंजीकरण स्लॉट पूर्ण हो चुके हैं। ऐसे में अपंजीकृत श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को ही जम्मू से कश्मीर की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। उधर, जम्मू स्थित पंजीकरण केंद्रों पर टोकन प्राप्त करने के लिए सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पूरे यात्रा मार्ग पर 16 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं, जो लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

इसके अलावा चंदरकोट और लैंबर शिविरों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित दो लघु अस्पताल स्थापित किए गए हैं, जहां चौबीसों घंटे उपचार की व्यवस्था है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए लगभग 75 सदस्यीय चिकित्सा दल लगातार सेवाएं दे रहा है। इस दल में विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी और पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की दिशा-निर्देशों के पालन की अपील

प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन दल, चिकित्सा सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी सक्रिय रखा गया है। श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है।

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