नई दिल्ली, 23 जून।
नाफेड की चार नई पहलों का शुभारंभ, किसानों से सीधे खरीद बढ़ाने और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) के नए ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नाफेड की चार प्रमुख डिजिटल और प्रशासनिक पहलों को किसानों और सहकारी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और किसान-केंद्रित बनाया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि नाफेड ने NAFEX.in, Nefix.in, दृष्टि, ईआरपी और नाफेड कल्याण जैसी पहलों की शुरुआत कर सहकारी क्षेत्र में तकनीक आधारित बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
संकट से उबरकर मजबूत संस्था बना नाफेड
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में नाफेड गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था और संस्था के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो गए थे। उस समय नाफेड के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आवश्यक आर्थिक सहयोग प्रदान कर संस्था को पुनर्जीवित करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि जो नाफेड कभी बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था, वही आज लगभग 500 करोड़ रुपये के लाभ और 30 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार के साथ देश के करीब 74 लाख किसानों को सहायता प्रदान कर रहा है।
किसानों से सीधे खरीद बढ़ाने की तैयारी
सहकारिता मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य कृषि उपज की खरीद प्रणाली में बिचौलियों की भूमिका को न्यूनतम करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में दलहन खरीद की व्यवस्था ऐसी बनाई जाएगी, जिसमें अधिकांश खरीद सीधे किसानों से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे प्राप्त होगा तो दलहन उत्पादन का रकबा स्वतः बढ़ेगा और भारत दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाएगा खरीद तंत्र
अमित शाह ने बताया कि किसानों से प्रत्यक्ष खरीद के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है। अब प्राथमिकता इस व्यवस्था को गांव और मंडी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की है।
उन्होंने नाफेड के अधिकारियों से पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका क्रियान्वयन ईमानदारी और दक्षता के साथ किया जाए।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 23 जून का दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
शाह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए “एक विधान, एक निशान और एक प्रधान” के सिद्धांत को लेकर संघर्ष किया और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान भारतीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।


