पार्किंग क्षेत्र में घोड़े-खच्चर व डंडी-कंडी संचालन पर अनियंत्रण का आरोप, भीड़ प्रबंधन सुधार की मांग तेज
उत्तरकाशी, 21 जून। यमुनोत्री धाम के प्रमुख यात्रा पड़ाव जानकीचट्टी में यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों और व्यवसायियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बस पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों में घोड़े-खच्चरों, डंडी-कंडी मजदूरों और उनके संचालकों का अनियंत्रित जमावड़ा श्रद्धालुओं के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।
भीड़ और अव्यवस्था से यात्रियों को दिक्कत
स्थानीय लोगों के अनुसार पार्किंग क्षेत्र में घोड़े-खच्चर संचालक और डंडी-कंडी मजदूर यात्रियों को अपनी सेवाओं के लिए आकर्षित करने के दौरान लगातार शोर-शराबा और आवाजाही करते रहते हैं। इससे कई बार भीड़भाड़ और अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे तीर्थयात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं, ऐसे में व्यवस्थित भीड़ प्रबंधन बेहद आवश्यक है।
भाजपा नेता ने जिला पंचायत एजेंसी पर उठाए सवाल
भाजपा नेता एवं होटल व्यवसायी संदीप राणा ने जिला पंचायत की ओर से संचालित कुली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रा पड़ावों पर बढ़ती अव्यवस्थाएं यमुनोत्री धाम की धार्मिक और पर्यटन छवि को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पार्किंग क्षेत्र, घोड़ा-खच्चर संचालन और डंडी-कंडी सेवाओं के लिए स्पष्ट और सख्त व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।
प्रशासन से सख्त व्यवस्था की मांग
संदीप राणा ने प्रशासन से मांग की कि यात्रा मार्ग पर अनुशासन, भीड़ प्रबंधन और संचालन व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सके।
एजेंसी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, कुली एजेंसी से जुड़े शरत सिंह चौहान ने लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस वर्ष यात्रा व्यवस्थाएं पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बेहतर और सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि सभी सेवाएं निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं।
व्यवस्था सुधार की आवश्यकता पर जोर
स्थानीय स्तर पर उठ रहे इन सवालों के बीच यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार और बेहतर समन्वय की मांग लगातार तेज हो रही है, ताकि यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।

