उत्तरकाशी, 20 जून। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), स्याना चट्टी–कुनसाला–कुपड़ा मोटर मार्ग, अधूरा पुल निर्माण, ग्रामीण संपर्क मार्ग और विकास कार्यों में देरी जैसे प्रमुख मुद्दों के बीच बड़कोट क्षेत्र में सड़क परियोजना की धीमी प्रगति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। वर्ष 2018 में स्वीकृत यह बहुप्रतीक्षित परियोजना सात वर्ष बाद भी अधूरी पड़ी हुई है।
5 करोड़ की योजना, लेकिन अधूरा पुल निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के डामरीकरण और कुनसाला के पास मोटर पुल निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी। हालांकि, आज तक स्थिति यह है कि पुल का केवल एक पिलर ही बन पाया है, जबकि पिछले लगभग एक माह से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था की उदासीनता के कारण परियोजना लगातार लटकती जा रही है।
बजट खत्म होने का हवाला, काम ठप
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि परियोजना का बजट समाप्त हो चुका है। इसी कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पूर्व प्रधान Shailendra Rana ने कहा कि सड़क का डामरीकरण तो किसी तरह पूरा कर दिया गया, लेकिन पुल निर्माण अधूरा रहने से पूरी योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
तीन गांवों की जीवनरेखा प्रभावित
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मोटर मार्ग क्षेत्र के तीन गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल न बनने से आवागमन प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य पुनः शुरू कराने की मांग की है।
चारधाम यात्रा और वैकल्पिक मार्ग पर असर
इस मार्ग का महत्व केवल स्थानीय ग्रामीणों तक सीमित नहीं है। चारधाम यात्रा के दौरान, विशेषकर मानसून में जब ओजरी–डाबरकोट भूस्खलन जोन में यातायात बाधित होता है, तब प्रशासन इसी सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करता है।
ऐसे में पुल का वर्षों तक अधूरा रहना न केवल विकास कार्यों में देरी को दर्शाता है, बल्कि आपदा प्रबंधन व्यवस्था की तैयारी पर भी सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब इस मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विभागीय प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिशासी अभियंता Yogendra Kumar ने बताया कि पुल निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही शेष निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
विकास बनाम लापरवाही की बहस
यह अधूरी परियोजना एक बार फिर ग्रामीण विकास योजनाओं की धीमी गति और वित्तीय प्रक्रियाओं में देरी को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास और यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा।

