लुधियाना, 22 जून।
कृषि अर्थशास्त्र, किसान कल्याण और भाजपा के 12 वर्षों के कार्यों पर केंद्रित रहा संवाद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को लुधियाना में पद्म श्री से सम्मानित प्रख्यात कृषि अर्थशास्त्री सरदारा सिंह जोहल के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच कृषि, किसान कल्याण और खेती-बाड़ी से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
किसानों और कृषि नीतियों पर हुई गहन चर्चा
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सरदारा सिंह जोहल से मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि जोहल ने लंबे समय तक कृषि क्षेत्र और किसानों की समस्याओं को करीब से समझा है और अपने कार्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
नवीन ने बताया कि यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों की नीतियों और उपलब्धियों पर केंद्रित आउटरीच अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य देशभर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संवाद कर सरकार की योजनाओं और कार्यों की जानकारी साझा करना है।
भाजपा सुझावों को नीति निर्माण में शामिल करने के पक्ष में
नितिन नवीन ने कहा कि मुलाकात के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें पार्टी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा उन सुझावों को अपनाने के लिए तैयार रहती है जो किसानों और कृषि क्षेत्र के हित में हों।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के किसानों के लिए सरदारा सिंह जोहल के सुझाव विशेष रूप से उपयोगी हैं और इनसे कृषि क्षेत्र की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
‘किसानों की भावनाओं को समझने वाली शख्सियत’
भाजपा अध्यक्ष ने सरदारा सिंह जोहल को एक ऐसी शख्सियत बताया जिन्होंने न केवल कृषि अर्थशास्त्र में योगदान दिया है, बल्कि किसानों की भावनाओं और चुनौतियों को भी गहराई से समझा है। उन्होंने कहा कि पद्म श्री सम्मान उनके लंबे योगदान और मेहनत का प्रमाण है।
नवीन ने कहा कि भाजपा का यह संपर्क अभियान सरकार के 12 वर्षों के कार्यों को जनता और प्रबुद्ध वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास है, जिसमें समाज के हर वर्ग से संवाद किया जा रहा है।
कृषि नीति, भूजल और अन्य मुद्दों पर सुझाव
पद्म श्री सरदारा सिंह जोहल ने मुलाकात के दौरान कहा कि वे विभिन्न सरकारों और राजनीतिक दलों के नेताओं से लगातार संवाद करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए हैं, जिनमें कृषि नीति, भूजल संकट और किसानों से जुड़ी अन्य चुनौतियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार के लिए नीतिगत स्तर पर गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है और इस दिशा में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
पुस्तक विमोचन और संवाद कार्यक्रम
इस अवसर पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र के भविष्य और किसानों की भलाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।



