नई दिल्ली, 23 जुलाई। पीएम मोदी ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवाओं के भविष्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
दोषियों को जल्द मिलेगी सजा
प्रधानमंत्री ने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों को शीघ्र कठोर दंड दिलाने और मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने छात्र हितों को बताया सर्वोपरि
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास मजबूत होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मेहनती छात्रों के भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
पेपर लीक पर पहले भी जताई थी चिंता
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का गंभीर विषय है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी करने का आग्रह किया है ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है।


