नई दिल्ली, 12 जुलाई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को नई दिल्ली में मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन किया। यह स्मारक कक्ष मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की स्मृतियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन नायर सर्विस सोसाइटी की दिल्ली शाखा की ओर से किया गया।
मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का हुआ अनावरण
उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का भी अनावरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मन्नथु पद्मनाभन ने वर्ष 1914 में नायर सर्विस सोसाइटी की स्थापना की थी। उन्होंने केरल में सामाजिक सुधार, शिक्षा के विस्तार, समानता और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, नायर सर्विस सोसाइटी के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान मन्नथु पद्मनाभन के सामाजिक योगदान और उनके विचारों को याद किया गया।
सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन का पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी एक समावेशी और संतुलित समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि मन्नम स्मृति मंडपम की स्थापना से नई पीढ़ी को मन्नथु पद्मनाभन के विचारों और कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा। उपराष्ट्रपति ने दिल्ली स्थित नायर सर्विस सोसाइटी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास महान व्यक्तित्वों की विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाया पौधा
मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सुधारकों के विचारों को अपनाना भी आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
नायर सर्विस सोसाइटी की भूमिका
नायर सर्विस सोसाइटी लंबे समय से शिक्षा, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संगठन की दिल्ली शाखा की ओर से स्थापित मन्नम स्मृति मंडपम का उद्देश्य मन्नथु पद्मनाभन के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को संरक्षित करना है।
मन्नथु पद्मनाभन को केरल के प्रमुख समाज सुधारकों में गिना जाता है। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनका मानना था कि समाज के विकास के लिए शिक्षा और संगठन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
विरासत और मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन का जीवन समाज सेवा, अनुशासन और सुधार की भावना का उदाहरण है। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और समान अवसरों की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
मन्नम स्मृति मंडपम आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके योगदान को जानने और उनसे प्रेरणा लेने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।


