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एंडोमेट्रियोसिस से लंबे समय तक जूझती रहीं शमिता शेट्टी, बोलीं- दर्द को सामान्य समझने की गलती न करें महिलाएं

बई, 10 जुलाई। अभिनेत्री शमिता शेट्टी ने पहली बार अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर खुलकर बात करते हुए बताया कि वह लंबे समय तक एंडोमेट्रियोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझती रहीं। उन्होंने खुलासा किया कि बीमारी की सही पहचान होने में काफी समय लग गया, क्योंकि शुरुआती जांचों में कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई थी। इस वजह से उन्हें लंबे समय तक दर्द और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में बातचीत के दौरान शमिता ने एंडोमेट्रियोसिस के साथ-साथ पेरिमेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों और मानसिक उलझनों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से अपने शरीर के संकेतों को गंभीरता से लेने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।

बीमारी की पहचान में हुई देरी, बढ़ती रही परेशानी

शमिता शेट्टी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि शरीर में हो रहे बदलाव सामान्य हैं या किसी गंभीर बीमारी का संकेत। जब उन्होंने पहली बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क किया, तब आवश्यक जांच कराई गईं और सभी रिपोर्ट सामान्य आईं।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उन्हें लगा कि उनकी परेशानी कोई बड़ी समस्या नहीं है। यही वजह रही कि जब दोबारा वही लक्षण सामने आए तो उन्होंने उन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया। इस कारण बीमारी की सही पहचान होने में काफी समय लग गया।

उनके अनुसार, यदि शुरुआती चरण में बीमारी का पता चल जाता तो उपचार पहले शुरू हो सकता था और लंबे समय तक दर्द सहने की नौबत नहीं आती।

दर्द को सामान्य मानना महिलाओं की सबसे बड़ी भूल

पॉडकास्ट के दौरान शमिता ने कहा कि महिलाओं में अक्सर यह प्रवृत्ति देखी जाती है कि वे अपने दर्द और तकलीफ को सामान्य मानकर सहती रहती हैं। विशेष रूप से मासिक धर्म से जुड़ा दर्द या हार्मोनल बदलावों को सामान्य मान लेने के कारण कई बार गंभीर बीमारियों की पहचान देर से हो पाती है।

उन्होंने कहा कि समाज में भी लंबे समय से यह धारणा रही है कि महिलाओं को ऐसे दर्द के साथ जीना पड़ता है। यही सोच कई महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से रोक देती है।

शमिता का मानना है कि यदि शरीर लगातार किसी समस्या का संकेत दे रहा है, तो उसे अनदेखा करना भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।

जब दर्द ने नींद छीन ली, तब हुआ एहसास

अभिनेत्री ने बताया कि सर्जरी से लगभग छह से आठ महीने पहले उनकी स्थिति काफी खराब हो गई थी। पहले वह दर्द सह लेती थीं, लेकिन धीरे-धीरे दर्द इतना बढ़ गया कि रात में नींद टूटने लगी।

उन्होंने कहा कि उसी समय उन्हें महसूस हुआ कि यह सामान्य समस्या नहीं है और शरीर लगातार संकेत दे रहा है कि अब इसकी वास्तविक वजह जानना जरूरी है। इसके बाद उन्होंने दोबारा विशेषज्ञों से संपर्क किया और विस्तृत जांच के बाद एंडोमेट्रियोसिस की पुष्टि हुई।

पेरिमेनोपॉज ने बढ़ाई मानसिक उलझन

शमिता ने बताया कि बीमारी के दौरान वह पेरिमेनोपॉज के चरण से भी गुजर रही थीं। हार्मोन में लगातार हो रहे बदलावों के कारण उनके लिए यह समझना मुश्किल हो गया था कि दर्द और अन्य शारीरिक बदलाव पेरिमेनोपॉज की वजह से हैं या किसी दूसरी बीमारी का संकेत।

उन्होंने कहा कि इस दौर में शारीरिक परेशानी के साथ मानसिक भ्रम भी काफी बढ़ गया था। सही जानकारी और समय पर चिकित्सकीय सलाह मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकी।

समय पर जांच और इलाज की दी सलाह

शमिता शेट्टी ने सभी महिलाओं से अपील की कि यदि लंबे समय तक दर्द, अनियमित मासिक धर्म, अत्यधिक थकान या कोई अन्य असामान्य लक्षण बने रहें, तो उन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें।

उन्होंने कहा कि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श, आवश्यक जांच और सही उपचार न केवल बीमारी की गंभीरता को कम कर सकता है, बल्कि बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में भी मदद करता है।

क्या है एंडोमेट्रियोसिस और पेरिमेनोपॉज?

एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगता है। इससे तेज दर्द, अनियमित मासिक धर्म, श्रोणि क्षेत्र में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

वहीं, पेरिमेनोपॉज वह अवस्था है, जब रजोनिवृत्ति से पहले महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू होते हैं। इस दौरान मासिक धर्म में अनियमितता, मूड में बदलाव, नींद संबंधी परेशानी और अन्य शारीरिक लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

शमिता शेट्टी का मानना है कि जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज ही महिलाओं को इन स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद कर सकते हैं।

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