कीव, 06 जुलाई। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर देर रात बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से व्यापक हमला किया। हमले तड़के तक जारी रहे, जिससे राजधानी के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाज गूंजती रही। इस हमले में कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तुर्किये में होने वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन के शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध प्रमुख मुद्दा बनने जा रहा है।
देर रात कई चरणों में हुआ हमला
यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने आधी रात के बाद राजधानी कीव को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला शुरू किया। स्थानीय समयानुसार रात लगभग डेढ़ बजे पहला बड़ा धमाका हुआ, जिसके बाद दोबारा और फिर तड़के तक कई चरणों में हमले जारी रहे।
हमलों से पहले पूरे शहर में हवाई हमले के सायरन बजाए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों और भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में पहुंच गए।
रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि हमलों में राजधानी के कई क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। पोडिल्स्की जिले में एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जहां कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।
शहर के डार्नित्स्की जिले में भी कई आवासीय इमारतें प्रभावित हुईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई लोग घायल हुए हैं, जबकि विभिन्न स्थानों पर आग लगने और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।
रूस के बड़े हमले की पहले ही दी गई थी चेतावनी
हमले से कुछ घंटे पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि खुफिया सूचनाओं से संकेत मिल रहे हैं कि रूस बड़े पैमाने पर नए हमलों की तैयारी कर रहा है।
इससे पहले भी पिछले सप्ताह कीव पर हुए बड़े हमले में कई लोगों की जान गई थी। लगातार बढ़ते हवाई हमलों ने राजधानी और अन्य शहरों में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
एक सप्ताह में हजारों ड्रोन और बमों से हमला
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान यूक्रेन पर रूस की ओर से लगभग 2,200 ड्रोन, 1,730 से अधिक निर्देशित हवाई बम और 106 मिसाइलों से हमले किए गए हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की सीमित क्षमता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता दोहराई।
पूर्वी मोर्चे पर भी बढ़ा सैन्य दबाव
रिपोर्टों के अनुसार, रूसी सेना ने पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में अपने सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं। वहां कई इलाकों पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। दूसरी ओर यूक्रेन भी रूसी क्षेत्र के भीतर तेल रिफाइनरियों, बंदरगाहों और सैन्य प्रतिष्ठानों जैसे रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा रहा है।
इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष और अधिक व्यापक होता दिखाई दे रहा है।
नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बढ़ी वैश्विक चिंता
रूस का यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तुर्किये में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन का शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध, क्षेत्रीय सुरक्षा और यूरोप की रक्षा रणनीति प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई लंबी दूरभाष वार्ता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया गया है कि बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
पड़ोसी देशों ने भी बढ़ाई सतर्कता
कीव पर लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बाद पड़ोसी देशों ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पोलैंड की वायुसेना ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढ़ते सैन्य हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता के लिए भी गंभीर चुनौती बने हुए हैं।


