Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeदेशभारतीय सेनाराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, आधुनिक और आत्मनिर्भर सेना के विजन पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 06 जुलाई। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रविवार को भारत की राष्ट्रपति एवं तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उनकी पत्नी कोमल सेठ भी उपस्थित रहीं। सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति से उनकी यह पहली औपचारिक मुलाकात रही, जिसे सैन्य नेतृत्व और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के बीच संवाद एवं विश्वास की महत्वपूर्ण परंपरा के रूप में देखा जा रहा है।

सेना प्रमुख बनने के बाद पहली औपचारिक मुलाकात

हाल ही में भारतीय थलसेना के 31वें प्रमुख का दायित्व संभालने वाले जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिवादन किया। राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर हैं और सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ समय-समय पर राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य तैयारियों तथा रणनीतिक विषयों पर संवाद की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

यह मुलाकात भारतीय सेना और राष्ट्रपति भवन के बीच संस्थागत संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ सैन्य परंपराओं के निर्वहन का भी महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

अनुभवी सैन्य अधिकारी हैं जनरल धीरज सेठ

जनरल धीरज सेठ बख्तरबंद कोर के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी हैं। अपने लंबे सैन्य जीवन में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। थलसेना प्रमुख बनने से पहले वे उप-थलसेना प्रमुख के पद पर कार्यरत थे और सेना के आधुनिकीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

आधुनिक और आत्मनिर्भर सेना निर्माण पर विशेष जोर

थलसेना की कमान संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता भारतीय सेना को तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। उनका लक्ष्य ऐसी सेना का निर्माण करना है, जो बहु-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र में प्रभावी ढंग से संचालन करने में सक्षम हो और आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग कर सके।

उन्होंने सेना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमताओं के विस्तार, अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के समावेश, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने, आत्मनिर्भरता को मजबूत करने तथा तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्तता पर विशेष बल दिया है।

रक्षा मंत्री से भी कर चुके हैं शिष्टाचार भेंट

राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले 2 जुलाई को जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी शिष्टाचार भेंट की थी। थलसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद रक्षा मंत्री के साथ यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी।

‘विजय’ दृष्टिकोण से सेना के आधुनिकीकरण की दिशा

जनरल धीरज सेठ ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही अपना रणनीतिक दृष्टिकोण ‘विजय’ प्रस्तुत किया था। इसके माध्यम से उन्होंने भारतीय सेना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उनका मार्गदर्शक मंत्र ‘जय से विजय’ है, जो संयुक्तता, नवाचार, स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता के माध्यम से भारतीय सेना की युद्ध क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में उनकी सोच को दर्शाता है।

Popular Articles