लखनऊ, 22 जून।
राहत-बचाव अभियान पूरा, पीएम मोदी ने मुआवजे का ऐलान; हाई-लेवल जांच के निर्देश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को घटना की गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने अलीगढ़ दौरे को बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौटे और सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और घायलों के इलाज की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
तीन मंजिला इमारत में दोपहर 3 बजे लगी आग
जानकारी के अनुसार, अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में अपराह्न करीब तीन बजे अचानक आग लग गई। यह क्षेत्र पुरनिया बाजार के पास एक घनी आबादी वाला पॉश इलाका माना जाता है, जहां कोचिंग सेंटर, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं।
आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया।
दमकल और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाली गाड़ियों का भी उपयोग किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। कुछ को ‘बॉडी बैग’ में अस्पताल भेजा गया, जबकि कई बेहोशी की हालत में कंबल में लपेटकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। रेस्क्यू के दौरान बगल की इमारत की छत का भी उपयोग किया गया ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश, डीजीपी और गृह सचिव मौके पर भेजे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे की तह तक जाकर जिम्मेदारों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम योगी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
राजनीतिक दलों ने जताया शोक, जांच की मांग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और इनके रोकथाम के लिए गंभीर प्रयास आवश्यक हैं।
परिजनों में कोहराम, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद घटनास्थल पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कई लोग इमारत के अंदर अपने परिजनों को बचाने की गुहार लगाते नजर आए।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और भवन उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका भी जताई जा रही है।



