नई दिल्ली, 22 जून।
16वीं ब्रिक्स सुरक्षा बैठक में बहुपक्षीय सहयोग, AI और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव घादिर नेजामी सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे, जहां वे ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की 16वीं बैठक में भाग लेंगे। यह दो दिवसीय बैठक 22 और 23 जून को आयोजित की जा रही है।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि घादिर नेजामी अपनी भारत यात्रा के दौरान विभिन्न विशेष सत्रों में हिस्सा लेंगे और सहभागी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा एवं रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित एजेंडा
बैठक में मुख्य रूप से आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बहुपक्षीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इन मुद्दों को वर्तमान वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा नई वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
NSA अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हो रही बैठक
यह 16वीं ब्रिक्स NSA बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित विस्तारित ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें डिजिटल सुरक्षा खतरों, तकनीकी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी
यह बैठक सितंबर 2026 में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की बैठकों से सदस्य देशों के बीच नीतिगत समन्वय को मजबूती मिलेगी और वैश्विक सुरक्षा ढांचे में सहयोग बढ़ेगा।
भारत की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय फोकस
नई दिल्ली में आयोजित यह बैठक भारत की बढ़ती कूटनीतिक और सुरक्षा भूमिका को भी दर्शाती है। भारत लगातार बहुपक्षीय मंचों पर सुरक्षा, विकास और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
बैठक के दौरान विभिन्न देशों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे, जिससे आपसी सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।



