लक्जमबर्ग, 16 जून (वेब वार्ता)। फ्रांस ने पश्चिम तट में स्थापित अवैध इजरायली बस्तियों से यूरोप में होने वाले आयात पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने सोमवार को कहा कि उनका देश कई अन्य यूरोपीय संघ (ईयू) सदस्य देशों के साथ मिलकर यूरोपीय आयोग से इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। उनका कहना है कि यूरोप को ऐसे किसी भी व्यापारिक संबंध से बचना चाहिए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अवैध बस्ती गतिविधियों को समर्थन देता हो।
यूरोपीय आयोग से हस्तक्षेप की मांग
लक्जमबर्ग में आयोजित यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले बैरो ने कहा कि फ्रांस और उसके सहयोगी देश आधिकारिक रूप से यूरोपीय आयोग से अनुरोध करेंगे कि वह पश्चिम तट की अवैध बस्तियों से आने वाले उत्पादों के आयात को रोकने के लिए सभी उपलब्ध उपायों पर विचार करे।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत हैं, बल्कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को भी कमजोर करती हैं। बैरो के अनुसार यूरोप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका व्यापार किसी विवादित या अवैध गतिविधि को बढ़ावा न दे।
गाजा और पश्चिम तट की स्थिति पर चिंता
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच दुनिया को गाजा और पश्चिम तट में जारी संकट को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वहां की मानवीय और राजनीतिक स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
बैरो ने याद दिलाया कि फ्रांस पहले ही इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा चुका है। इसके अलावा पश्चिम तट में बस्तियों के विस्तार को बढ़ावा देने के आरोप में 26 व्यक्तियों और संस्थाओं पर अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर समन्वित प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
पूरे यूरोप में प्रतिबंध लागू करने की मांग
बैरो ने कहा कि फ्रांस चाहता है कि ऐसे प्रतिबंध केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे यूरोपीय संघ में लागू किए जाएं। उनका मानना है कि इससे एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश जाएगा कि यूरोप पश्चिम तट में बढ़ती हिंसा और बस्तियों के निरंतर विस्तार को स्वीकार नहीं करता।
उन्होंने कहा कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी तो पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की संभावनाएं और कमजोर हो सकती हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर भी दिया जोर
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित नए समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के लिए व्यापक संवाद का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
बैरो ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से गठित अंतरराष्ट्रीय मिशन पहले से तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम है।
उल्लेखनीय है कि नौ जून को फ्रांस, ब्रिटेन और कई अन्य देशों ने इजरायली बस्ती गतिविधियों को लेकर इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच समेत 26 व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए थे। पश्चिम तट में बस्तियों का विस्तार लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और फिलिस्तीनी प्रशासन के साथ विवाद का प्रमुख विषय बना हुआ है।
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