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अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण में भारत की बड़ी उपलब्धि, बिमल पटेल न्यायाधीश निर्वाचित

संयुक्त राष्ट्र, 19 जून। बिमल पटेल, इंटरनेशनल लॉ ऑफ सी ट्रिब्यूनल (आईटीएलओएस), संयुक्त राष्ट्र, समुद्री कानून, भारत और यूएनसीएलओएस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि में भारतीय विधिवेत्ता बिमल पटेल को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण का न्यायाधीश निर्वाचित किया गया है। उनके चुनाव के साथ ही इस प्रतिष्ठित वैश्विक न्यायिक संस्था में भारत का प्रतिनिधित्व लगातार बना रहेगा। पटेल सितंबर में अपना कार्यभार संभालेंगे, जब वर्तमान उपाध्यक्ष नीरू चड्ढा का नौ वर्षीय कार्यकाल समाप्त होगा।

भारत की मौजूदगी रहेगी बरकरार

बिमल पटेल का चुनाव संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा किया गया। उनके चयन से न्यायाधिकरण में भारत की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित हो गई है। वर्तमान में भारतीय न्यायाधीश नीरू चड्ढा इस न्यायाधिकरण की उपाध्यक्ष हैं और उनका कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है।

भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि पटेल का चुनाव बहुपक्षवाद और समुद्री कानून के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञ हैं बिमल पटेल

बिमल पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम हैं। वह वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग (इंटरनेशनल लॉ कमीशन) के सदस्य हैं तथा गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं।

इसके अलावा वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी हैं। उन्होंने नीदरलैंड की लेडन यूनिवर्सिटी और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय कानून में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

चुनाव में मिला व्यापक समर्थन

भारतीय राजनयिक पिछले वर्ष से संयुक्त राष्ट्र में उनके चुनाव के लिए सक्रिय अभियान चला रहे थे। इस वर्ष न्यायाधिकरण की सात सीटों में से दो सीटें एशियाई क्षेत्र के लिए निर्धारित थीं। इनमें एक सीट बिमल पटेल और दूसरी वियतनाम की नैग्यून लन अन थी को मिली।

चुनाव में थाईलैंड के मौजूदा न्यायाधीश क्रियांग्सक किटिचासरी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि इंडोनेशिया ने मतदान से पहले अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था।

पटेल को कुल 168 वैध मतों में से 115 मत प्राप्त हुए। यह चुनाव समुद्री कानून सम्मेलन के 36वें सत्र के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें 172 सदस्य देशों ने भाग लिया।

समुद्री विवादों के समाधान में अहम भूमिका

जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी समुद्रों और महासागरों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवादों के निपटारे के लिए स्थापित एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है। यह समुद्री कानून की व्याख्या करने और सदस्य देशों के बीच उत्पन्न कानूनी विवादों का समाधान करने का कार्य करती है।

जयशंकर ने दी बधाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बिमल पटेल को उनकी जीत पर बधाई दी और यूएनसीएलओएस सदस्य देशों का समर्थन एवं विश्वास जताने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। भारत ने इसे वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षेत्र में उसकी मजबूत उपस्थिति का प्रतीक बताया है।

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