पिथौरागढ़, 12 जुलाई। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत 40 श्रद्धालुओं का दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन-पूजन के लिए रवाना हुआ। नगर निगम की मेयर कल्पना देवलाल और अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की।
आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनी यात्रा
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित यह धार्मिक यात्रा उत्तराखंड पर्यटन और गुजरात पर्यटन की संयुक्त पहल है। यात्रा का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को भगवान सोमनाथ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
मेयर कल्पना देवलाल ने कहा कि भगवान सोमनाथ के प्रति श्रद्धा और आस्था को समर्पित यह यात्रा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपने साथ रामेश्वरम से लाया गया पवित्र जल कलश लेकर जा रहे हैं, जिसे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर विधि-विधान से अर्पित किया जाएगा।
यात्रा की सभी व्यवस्थाएं निशुल्क
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत चयनित श्रद्धालुओं के लिए यात्रा, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं का चयन किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा। सरकार और संबंधित विभागों के सहयोग से यात्रा को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया गया है।
40 श्रद्धालुओं का दल हुआ रवाना
उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी ने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ से रवाना हुए दल में कुल 40 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें सात महिलाएं और 33 पुरुष हैं। सभी श्रद्धालु भगवान सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और रामेश्वरम से लाए गए पवित्र जल को ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं में धार्मिक भावना के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को मजबूत करना है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने दी शुभकामनाएं
यात्रा की रवानगी के अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया और उन्हें सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया और भगवान सोमनाथ के दर्शन को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अनुभव करेंगे।


