Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

HomeUncategorizedअंत्योदय अन्न योजना के राशन...

अंत्योदय अन्न योजना के राशन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव, प्रति सदस्य सात किलो अनाज देने की तैयारी

नई दिल्ली, 26 जून। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को राशन वितरण की मौजूदा व्यवस्था में परिवर्तन किया जाएगा। अब तक प्रत्येक पात्र परिवार को 35 किलोग्राम अनाज निर्धारित मात्रा के रूप में दिया जाता था, जबकि नए प्रस्ताव में प्रति सदस्य सात किलोग्राम अनाज देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, किसी भी परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम ही रहेगी।

राशन वितरण की व्यवस्था में होगा परिवर्तन

प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद राशन वितरण परिवार के बजाय सदस्यों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। इसके अनुसार एक, दो, तीन या चार सदस्यों वाले परिवारों को उनकी सदस्य संख्या के अनुरूप सात-सात किलोग्राम अनाज दिया जाएगा। वहीं, पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को अधिकतम 35 किलोग्राम अनाज पहले की तरह मिलता रहेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण से जुड़े मंत्रालय की ओर से जारी मसौदे के अनुसार यह संशोधन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधानों में परिवर्तन के लिए लाया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत राशन वितरण की प्रक्रिया को सदस्य संख्या के अनुरूप निर्धारित करना है।

मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण पर आधारित है मसौदा

मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित संशोधन मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से खाद्य और पोषण सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मसौदे में कहा गया है कि वर्तमान समान मात्रा वाली व्यवस्था के स्थान पर सदस्य संख्या आधारित व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव किया गया है।

13 जुलाई तक मांगे गए सुझाव और टिप्पणियां

केंद्र सरकार ने प्रस्तावित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक, 2026 के मसौदे पर आम नागरिकों, संबंधित पक्षों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। मंत्रालय के अनुसार इस मसौदे पर 13 जुलाई, 2026 तक सुझाव भेजे जा सकते हैं। प्राप्त सुझावों और टिप्पणियों के परीक्षण के बाद संशोधन संबंधी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Popular Articles