हनोई/नई दिल्ली, 12 जुलाई। वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु-क्वोक द्वीप के निकट शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट समुद्र में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 23 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घायलों का स्थानीय अस्पतालों में उपचार जारी है। हादसे के बाद वियतनाम सरकार ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
फु-क्वोक के पास समुद्र में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के सदस्य सवार थे। स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब एक बजे फु-क्वोक द्वीप के समीप समुद्र में अचानक नाव पलट गई। दुर्घटना के बाद वियतनाम की सीमा सुरक्षा बल, नौसेना, तटरक्षक बल और अन्य आपात एजेंसियों ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। अभियान में दो बचाव नौकाओं और 35 जवानों को लगाया गया, जिसके बाद 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के तीन और केरल के दो पर्यटक शामिल हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
वियतनाम सरकार ने दिए तत्काल जांच के निर्देश
हादसे के बाद वियतनाम सरकार ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना की विस्तृत जांच करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विदेश मंत्रालय को भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित भारतीय नागरिकों तथा उनके परिजनों को कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जाएगी ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास और महावाणिज्य दूतावास प्रभावित भारतीयों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं तथा भारतीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।
कई नेताओं ने व्यक्त की संवेदनाएं
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय से प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने की अपील की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय दूतावास राहत एवं सहायता कार्यों में पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है। वहीं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
भारतीय दूतावास ने जारी किए सहायता केंद्र
हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इसके अलावा तेलंगाना सरकार के प्रवासी भारतीय प्रकोष्ठ ने भी सहायता के लिए अलग नियंत्रण कक्ष शुरू किया है। भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी प्रभावित भारतीयों और मृतकों की जानकारी संबंधित परिवारों तथा अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है। दोनों देशों की एजेंसियां राहत, कांसुलर सहायता और जांच प्रक्रिया में मिलकर काम कर रही हैं।


