मुंबई, 11 जुलाई। फिल्म ‘धमाल 4’ को लेकर चर्चा के बीच अभिनेत्री अंजलि आनंद ने बॉलीवुड की कास्टिंग प्रक्रिया पर खुलकर अपनी बात रखी है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि फिल्म उद्योग में उन्हें अक्सर उनकी अभिनय क्षमता के बजाय केवल उनके शरीर की बनावट के आधार पर भूमिकाएं दी जाती हैं। उनका कहना है कि वर्षों से उन्हें ऐसे ही किरदार मिलते रहे हैं, जिनका संबंध किसी न किसी रूप में उनके बढ़े हुए वजन से जोड़ दिया जाता है।
‘पहले लुक्स देखे जाते हैं, फिर अभिनय’
अंजलि आनंद ने कहा कि अब तक के अपने करियर में उन्होंने एक समान अनुभव महसूस किया है। उनके अनुसार, जब भी किसी फिल्म या धारावाहिक के लिए उन्हें चुना गया, तब सबसे पहले उनके लुक्स और बॉडी टाइप पर ध्यान दिया गया। बाद में निर्माताओं और निर्देशकों को यह एहसास हुआ कि वह अभिनय भी प्रभावशाली ढंग से कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल शुरुआती दौर तक सीमित नहीं रही, बल्कि आज भी उन्हें अधिकांश भूमिकाएं इसी सोच के साथ मिलती हैं। उनका मानना है कि कलाकार का मूल्यांकन उसकी प्रतिभा से होना चाहिए, न कि केवल उसके शारीरिक स्वरूप से।
करियर की शुरुआत से ही वजन से जुड़े किरदार
अंजलि आनंद ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत वेब सीरीज ‘अनटैग’ से की थी। उनके अनुसार, इस परियोजना में भी चयन के पीछे उनका बॉडी टाइप एक प्रमुख कारण था। इसके बाद उन्होंने टीवी धारावाहिक ‘ढाई किलो प्रेम’ में काम किया, जिसकी कहानी भी उनके वजन के इर्द-गिर्द केंद्रित थी।
उन्हें व्यापक पहचान फिल्म निर्माता करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने रणवीर सिंह की बहन गायत्री रंधावा (गोलू) का किरदार निभाया। हालांकि उनके अभिनय की सराहना हुई, लेकिन उनका कहना है कि इस भूमिका में भी उनके वजन को कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया था।
ओटीटी मंचों पर मिला अभिनय दिखाने का बेहतर अवसर
अंजलि का मानना है कि डिजिटल मंचों पर उन्हें अधिक विविध और सशक्त किरदार निभाने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि ‘रात जवान है’ और ‘डब्बा कार्टेल’ जैसी वेब सीरीज में उनके पात्र केवल शारीरिक बनावट तक सीमित नहीं थे, बल्कि उनमें भावनात्मक गहराई और अभिनय की पर्याप्त गुंजाइश थी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में फिल्म निर्माता भी कलाकारों को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर देंगे और उन्हें ऐसे किरदार मिलेंगे जिनका उनके शरीर से कोई संबंध न हो।
‘धमाल 4’ को लेकर भी थीं असमंजस में
अंजलि आनंद ने खुलासा किया कि वह शुरुआत में ‘धमाल 4’ का हिस्सा बनने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। उनका कहना है कि फिल्म में उनके वजन को लेकर कुछ हास्य दृश्य और संवाद थे, जो उन्हें असहज महसूस करा रहे थे। चूंकि वह हमेशा से बॉडी-शेमिंग के खिलाफ अपनी राय रखती रही हैं, इसलिए इस भूमिका को स्वीकार करना उनके लिए आसान निर्णय नहीं था।
हालांकि काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया। उनका मानना था कि यदि संवेदनशीलता के साथ किरदार निभाया जाए तो वह दर्शकों तक सकारात्मक संदेश भी पहुंचा सकता है। फिल्म में उनके साथ रितेश देशमुख समेत कई प्रमुख कलाकार नजर आ रहे हैं।
बदलती सोच की उम्मीद
अंजलि आनंद का मानना है कि भारतीय फिल्म उद्योग में प्रतिभा को बाहरी रूप-रंग से ऊपर रखने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि कलाकार की पहचान उसके अभिनय से होनी चाहिए, न कि उसकी शारीरिक बनावट से। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बॉलीवुड में कास्टिंग को लेकर सोच बदलेगी और कलाकारों को अधिक विविध और सार्थक भूमिकाएं मिलेंगी।


